टेक दिग्गज गूगल ने अपने जेमिनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इमेज जेनरेटर फीचर को रोकने की घोषणा कर दी है। जेमिनी AI के इमेज जनरेटर टूल ने डायवर्सिटी के नाम पर ऐतिहासिक फोटो को गलत तरीके से दिखाया है।
गूगल को इसके बाद सोशल मीडिया पर भारी आलोचना झेलना पड़ रहा है। आखिरकार गूगल ने फिलहाल इमेज जनरेटर टूल पर रोक लगा दी है। इसके पहले गूगल को शुरुआत में बार्ड को भी रोकना पड़ा था।
क्या है पूरा मामला?
सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर यूजर्स मॉडल द्वारा बनाई गई फोटो को शेयर कर शिकायत कर रहे हैं कि एआई टूल ऐतिहासिक शख्सियतों की तस्वीरें गलत तरीके से क्रिएट कर रहा है। इसमें से ज्यादातर लोगों के रंग को लेकर सवाल उठाया गया है, जिसमें इतिहास के दृश्य भी शामिल थे। यानी गूगल का एआई मॉडल लोगों को रंग के आधार पर गलत तरीके से दिखा रहा है।
गूगल का दावा, लेकिन सच्चाई इससे अलग:
गूगल ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि एआई फीचर व्यापक रूप से लोगों की एक विस्तृत सीरीज जनरेट कर सकता है। उत्पन्न कर सकता है। और यह आम तौर पर एक अच्छी बात है क्योंकि दुनिया भर के लोग इसका उपयोग करते हैं।


