नई दिल्ली। 23 अगस्त, शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पहले युक्रेन दौरे पर गए। जेलेंस्की से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत आने का न्योता दिया, जिसे यूक्रेनी राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है।
उन्होंने हिंदुस्तान में शांति शिखर सम्मेलन के लिए भारत की तैयारी की भी प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी रूस और युक्रेन के बीच जारी संघर्ष को रोकने में सक्रिय भागीदारी का प्रस्ताव दिया। उन्हें जेलेंस्की ने स्पष्ट रूप से कहा कि दोनों देशों को युद्ध छोड़कर वापस में बातचीत करनी चाहिए। युद्ध की विभीषिका बच्चों को मार डालता है। यह घातक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युक्रेन दौरे पर पूरी दुनिया की निगाह थी। विभिन्न देशों ने वहां उनकी प्रतिक्रिया का पता लगाना चाहा। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने जेलेंस्की के कंधों पर हाथ रखते ही विश्वव्यापी चर्चा में आ गया। प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध समाप्त करने की उम्मीद व्यक्त की |
प्रधानमंत्री कीव का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। यूक्रेन के लोग प्रधानमंत्री के दौरे से बहुत उत्साहित हैं। याद रखें कि सोवियत संघ 1991 में टूटने के बाद यूक्रेन एक स्वतंत्र देश बन गया था।
तबसे भारत का कोई प्रधानमंत्री वहां नहीं गया था। मोदी का यह दौरा खास है क्योंकि युद्ध शुरू होने से अब तक यूक्रेन में सिर्फ नाटो देशों के प्रमुख ही गए हैं।

